कार्य वीरता से सम्मान – Kamyabi Shayari

Kamyabi Shayari के माध्यम से वीरता और वीरता सम्मान की प्रेरणा का अनुभव करें। ये शब्द आपको बहादुरी अपनाने और महानता हासिल करने के लिए सशक्त बनाएं।

सम्मान का दीपक जला देता,
कार्य वीरता से अगर वह करता।
नहीं चाहिए उसे किसी का सहारा,
अपने कार्य से खुद बनता वह सितारा।

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भूख नहीं उसे सम्मान की,
क्योंकि कर्मों से बनती है उसकी जीवनी।
सम्मान की आशा नहीं, कार्यों से है प्रेम,
ऐसा वही बने, जिसने सच्ची दिल से किया हो कर्म से प्रेम।

Kamyabi Shayari

बिजली गिरने का इंतज़ार नहीं करती,
बहार फूलों का इंतज़ार नहीं करती,
जो भी सपने हो उन्हें पूरा किया करो,
क्योंकि तक़दीर अवसर का इंतज़ार नहीं करती।

उड़ान भर हौसलों का बांध ना कर,
जीत ले स्वयं की, हार की तलाश ना कर,
रास्ते खुद ही खुल जाएंगे मेरे दोस्त,
मंजिल की चाह में जरूरत की तलाश ना कर।

Kamyabi Shayari

जो खड़ा है अकेला, उसने संघर्ष किया होगा,
जो चुनौतियों से नहीं हारा, उसमें हौसला होगा,
सोने को परिपक्व होने का समय चाहिए,
जो तपेगा उसी आग में तो शोहरत का ताज होगा।

बादल गरज कर भी बरस सकते हैं,
पत्थर चूब कर भी पिघल सकते हैं,
हिम्मत ना हार, नज़रिया ना बदल,
जिंदगी का रुख किसी भी पल बदल सकता है।

जिसमें जले ऐसा आत्मबल चाहिए,
मुसीबत से लड़ने का ऐसा हौसला चाहिए,
ये उम्मीदें भी पूरी होंगी एक दिन,
बस अरमानों में ऐसी चिंगारी चाहिए।

Kamyabi Shayari

जीवन की हर राह रोशन नहीं होती,
हर कोशिश आसान नहीं होती,
लक्ष्य की प्राप्ति अगर है सपना,
तो विजय का रास्ता आसान नहीं होता।
सपनों को अपनी ताकत बनाओ तुम,
तूफ़ानों में चिराग जलाओ तुम।
स्वयं से कहो, मैं कर सकता हूँ,
क्योंकि हर समस्या का हल,
दूसरों पे डाला नहीं जाता।

स्वयं को पहचान भी लिया करो,
खुद से ही बात भी किया करो,
क्यों जीते हो दूसरों के लिए,
अपने लिए भी जीवन जिया करो।

स्वयं को निर्बल मान कर वीरान ना कर,
विपत्तियों की अंधकार में जीवन को बेरंग ना कर,
अपने संकल्प से कठिनाईयों को पलटना है तुझे,
मनुष्य होकर मानवता को बेहाल ना कर।

Kamyabi Shayari

सपनों को छोड़ देना सहज होता है,
हर रास्ता जीवन का परीक्षण होता है,
भागने वाले को कभी नहीं मिलती मंजिल,
सागर को चिर कर निकने वालो की,
तक़दीर में किनारा होता है।

उम्मीदों को रौशनी मिलेगी अवश्य,
ये खुले हुए उनके सपने कहते हैं,
अक्सर वही लोग चुपचाप रहते हैं,
जिनके कर्म समय के आइने में गूँजते हैं।

लक्ष्य को चुनोगे, चुनौतियाँ अनगिनत आएंगी,
लेकिन वो पल अद्वितीय होगा,
जब सफलता तुम्हारी कहानी सुनाएगी।

उदास होकर क्यों अपने नसीब को कोसता है,
सीख उस बादल से जो बरसने के लिए,
आसमान ढूंढता है।

अपनी राह अपना नया गगन बना,
माँगने से कभी काम्याबी नहीं मिलती है ऐ साथी,
खुद ही अपना नया अध्याय लिख।

मत सोचो कि मेरी उम्मीदें कितनी हैं,
अभी तो सिर्फ़ ख्वाबों की उड़ान भरी है,
ना झुकेगा मेरा सर, ना टूटेगी मेरी आस,
यह मैंने वक्त से नहीं, खुद से इरादा किया है।

बहुत से लोग मुझे मिटाने लगे हैं,
माचिस की तीली से दरिया को जलाने में लगे हैं,
उन्हें यह कह दो, मैं शोला नहीं, आग हूँ,
जल गए वे खुद, जो बुझाने में लगे हैं।

हर हारने की वजह को यांदो में रख,
जित की कोशिस को इरादों में रख,
उदासी तेरी किस्मत यही है,
हौसलों से पहाड़ो को चीरने की ताकत तो रख।

मिल जाए फूल तो बागिचे की खोज करो,
मिल जाए वृक्ष तो वन की तलाश करो,
मिट जाती है मोम आग के संपर्क से,
मिट जाए आग, ऐसी मोम की तलाश करो..!

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